गर्मी तो नोटों के जुनून में होती है।

बचपन में देखा कि *गर्मी ऊन* में होती है। स्कूल में पता चला *गर्मी जून* में होती है। इधर पापा ने बताया कि *गर्मी खून* में होती है।

ज़िंदगी में बहुत *धक्के खाये* तब जाकर पता चला कि गर्मी ना तो खून में, ना जून में और ना ही ऊन में होती है, *गर्मी तो नोटों के जुनून* में होती है।
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