जय श्री श्याम – लाखों भटकते हैं, पर वो एक मंजिल दिखलाता है

लाखों भटकते हैं, पर वो
एक मंजिल दिखलाता है,
लाखों रोते बिलखते हैं,
वो आंसू पोंछने आता है,
दिल में उठती जो दुआ,
एक पल में ही सुन जाता है,
वही नूरे-जहाँ, इस दुनिया में
“श्याम साँवरा” कहलाता हैं
🌹🙏 जय श्री श्याम🙏🌹