निराश मत होना.. कमजोर तेरा वक्त है

गीता में साफ़ शब्दो मे लिखा है..

__निराश मत होना..
__कमजोर तेरा वक्त है..
__तू नही……..

__ये संसार “जरूरत” के नियम पर चलता है….
__सर्दियो में जिस “सूरज”
__का इंतजार होता है,
__उसी “सूरज” का गर्मियों में
__तिरस्कार भी होता है…..
__आप की कीमत तब तक होगी जब तक आपकी जरुरत है…!

_”तालाब एक ही है..,
उसी तालाब मे हंस मोती चुनता है और बगुला मछली…!
सोच सोच का फर्क होता है…!

आपकी सोच ही आपको बड़ा बनाती है…!!

यदि हम गुलाब की तरह खिलना
चाहते है तो काँटों के साथ
तालमेल की कला सीखनी होगी…

मन और मकान को..
वक्त – वक्त पर साफ करना बहुत जरूरी है

क्योंकि

मकान में बेमतलब सामान..

और

मन में बेमतलब गलत फहमियां भर जाती हैं..

🍃 मन भर के जीयो..
मन में भर के मत जीयो