महात्मा गांधी के सर्वश्रेष्ठ अनमोल विचार

“खुद के अंदर के उत्साह को जगाने के लिए किये गये प्रयास ही इंसान को जानवरों से अलग बनाते है।”

“बहोत से लोग, विशेषतः अज्ञानी लोग, जब आप सही बोल रहे हो, जब आप अच्छा कम कर रहे हो तब वे आपको सजा देना चाहेंगे। जब आप सही हो तब कभी क्षमा मत मांगिये। जब भी आप सही होते हो तब आपको ये पता होता है, तब आप अपने दिमाग से बोलिए। दिमाग से बाते कीजिये। फिर चाहे सच बोलने वाले दुनिया में कम ही क्यू ना हो सच अंत तक सच ही रहता है।”

“पहले वो आपको अनदेखा करेंगे, फिर वे आप के उपर हसेंगे, फिर वे आपके साथ लड़ेंगे, तभी आपकी जीत होंगी।”

“ताकत कभी शारीरिक क्षमता से नहीं आती। ताकत हमेशा आपकी अदम्य (दृढ़) इच्छाशक्ति से आती है।”

“मानवता की महानता मानव बनने में नहीं। बल्कि मानवता के प्रति दयालु बनने में है।”

“अगर आप कुछ नहीं करोगे तो आपके पास कोई परिणाम नहीं होगा।”

“आपकी सच्ची ख़ुशी आप जो करते हो, जो कहते हो और इन दोनों में जो तालमेल बिठाते हो, उसपे निर्भर करती है।”

“एक सोसाइटी की महानता और प्रगति इस बात से आकी जा सकती है की वहा कमजोर और असुरक्षित सदस्यों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है।”

“दलित रहते हुए विजय प्राप्त करना मैंने हुसैन से सिखा।”

“आप मुझे जंजीरों में जकड सकते है, यातना दे सकते है, यहाँ तक की आप इस शरीर को नष्ट कर सकते है लेकिन आप कभी मेरे विचारो को कैद नहीं कर सकते।”

“जब भी आपका विरोधियो के साथ सामना हो। तब अपने प्यार से उन्हें परास्त कीजिये।”

“आँख के बदले में आँख पुरे विश्व को अँधा बना देती है।”

“एक महिला का सबसे बड़ा आभूषण उसका चरित्र और उसकी शुद्धता है।”

“मै अपने विचारो को स्वतंत्र बनाने के लिए आज़ादी चाहता हु।”

“दुनिया में ऐसे कई लोग है जो इतने भूखे है की भगवान उन्हें किसी और रूप में नहीं दिख सकता सिवाय रोटी के रूप में।”

“गरीबी दैवीय अभिशाप नहीं बल्कि मानवरचित षड्यंत्र है।”

“अहिंसा ये कभी न बदलने वाला धर्म है।”

“जिज्ञासा के बिना ज्ञान नहीं होता. दुःख के बिना सुख नहीं होता।”

“यदि मनुष्य सीखना चाहे तो उसकी हर भूल उसे कुछ शिक्षा दे सकती है।”

“ताकत दो तरह की होती है। एक जो सजा के डर से आती है और दूसरी वह जो प्यार से आती है। प्यार से आने वाली ताकत 1000 बार प्रभावकारी साबित हो सकती है पर सजा के डर से आने वाली ताकत हमेशा के लिए प्रभावशाली साबित हो सकती है।”