सज्जन व्यक्ति के साथ मित्रता उस गन्ने के सामान होती है

सज्जन व्यक्ति के साथ मित्रता उस गन्ने के सामान होती है
जिसे आप कितना ही तोड़ो, दबाओ, चूसो
यहाँ तक कि उसे पीस ही डालो
हर बार उसमे से केवल और केवल मिठास ही निकलता है ।
शुभ प्रभात