सुख और दुख झूला है

झूला जितना पीछे जाता
है, ठीक उसी के बराबर
उतना ही आगे भी आता
है।

इसी तरह सुख और दुख
दोनों ही जीवन में बराबर
आते और जाते हैं ।

जिन्दगी का झूला अगर
पीछे जाए तो डरिए मत,
वह आगे भी आएगा ।