दशहरा पर कविता – काग़ज़ के रावण मत फूँको

अर्थ हमारे व्यर्थ हो रहे, पापी पुतले अकड़ खड़े हैं काग़ज़ के रावण मत फूँकों, ज़िंदा रावण बहुत पड़े हैं

Read more

Aaj Akash ta meghla bangla kobita আজ আকাশটা মেঘলা

আজ আকাশটা মেঘলা আজ আমার চোখ দুটো জলে ভরা তুমি ছাড়া কে আছে বলো আমার ।। কিছু অচেনা মানুষের ভিতরে

Read more

“Increase Your Self Image to Know Your Self Worth.”

सस्ते में लूट लेती है ये दुनिया अक्सर उन्हें जिन्हें खुद की कीमत का अंदाज़ा नहीं होता….   Increase Your

Read more