Ek Karwa Sach

हम उन्हे रूलाते हैं, जो
हमारी परवाह करते हैं..

(माता/पिता/पत्नी)👈

हम उनके लिए रोते हैं, जो
हमारी परवाह नहीं करते…

(औलाद )

और, हम उनकी परवाह
करते हैं, जो हमारे लिए
कभी नहीं रोयेगें !…

(समाज)👈