ज़िन्दगी मौके कम और अफसोस ज्यादा देती हे

“समय की कीमत अखबार से पूछो*
*जो सुबह चाय के साथ होता है वही रात् को रद्दी हो जाता है”*

*ज़िन्दगी मे जो भी हासिल करना हो..*
*उसे वक्त पर हासिल करो.!*
*क्योंकि…..*
*ज़िन्दगी मौके कम*
*और…..*
*अफसोस ज्यादा देती* *हे*.!!