हमेंशा बांटते रहें

*दो ही चीजें ऐसी हैं,*
*जिस में किसी का*
*कुछ नहीं जाता….*
*एक ‘; मुस्कुराहट ‘;*
*और दूसरी ‘; दुआ ‘;,*

*हमेंशा बांटते रहें !!*