Nirankari Shayari गुरसिख वो ही जिसे हर हाल में हंसना आता है। Subodh April 18, 2017 कमल वो ही जिसे कीचड़ में खिलना आता है दीप वो ही जिसे आंधी में जगना आता है। ज्ञान तो करोड़ों को दे दिया है सतगुरु ने मगर गुरसिख वो ही जिसे हर हाल में हंसना आता है।