Nirankari Stories

जीवन रहते जीवन को जी लो | Short Story

एक फकीर नदी के किनारे बैठा था
किसी ने पूछा बाबा क्या कर रहे हो
फकीर ने कहा इंतजार कर रहा हूं
कि पूरी नदी बह जाएं तो फिर पार करूं
उस व्यक्ति ने कहा कैसी बात करते हो
बाबा जल बहने के इंतजार में तो
तुम कभी नदी पार ही नहीं कर पाओगे
फकीर ने कहा यही तो मैं सब लोगों को समझाना चाहता हूं कि
जीवन रहते जीवन को जी लो
वर्ना यह कहते कहते चले जाओगे
कि एक बार जीवन की जिम्मेदारियां पूरी हो जाए तो फिर घुमंतू फिरू ,सबसे मिलूं , सेवा करु

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