Nirankari Poems Nirankari Poem in Hindi – इक मसीहा अमन चैन का पैगाम दे गया, Subodh March 23, 2017 Nirankari Facebook SMS, Nirankari Hindi Kavita, Nirankari Poems in Hindi इक मसीहा अमन चैन का पैगाम दे गया, नमीं ऑंखो को और लबों को मुस्कान दे गया | आओ मिल कर संभाले पत्ता पत्ता, डाली डाली, बेजोड़ बागबां ये गुलिस्तां दे गया | कहीं एकता की राहें ढूंढ पाना न हो मुमकिन, इसलिए वो अपने कदमों के निशान दे गया | एक एहसान और कर दिया जाते जाते , इस माँ के रूप में वो भगवान दे गया |